बूढ़ा आदमी और समुद्र, अर्नेस्ट हेमिंग्वे का एक चर्चित उपन्यास है। यह बेहद गरीब, लेकिन साहसी व खुद्दार मछुआरे की कहानी है, जिसमें एक नन्हा पात्र लड़का भी है, जो कि बूढ़े मछुआरे का सहयोगी है को बुजुर्ग सब कुछ कह कर बताने पर विश्वास नहीं करता, बल्कि वास्तविक घटनाओं के माध्यम से जीवन की सच्चाई से रूबरू कराता है।
कहानी के ज्यादातर हिस्सों में पाठक को बुजुर्ग के प्रति दया भाव आना स्वाभाविक है पर जैसे-जैसे मुख्य पात्र भीतर उतरता है पाठक को वह रोमांच से भर देता है और साहस व दृढ़ निश्चय का एहसास कराता है। इस उपन्यास की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें पात्रों की अधिकता तो बिल्कुल भी नहीं है, बल्कि जीवन की सच्चाई है, जिसमें हमें कभी हार का सामना करना पड़ता है तो कभी जीत हमारे हिस्से आती है ।
इस उपन्यास कि एक और अच्छी बात यह है कि यह समय सीमा से परे आज भी प्रासंगिक बना हुआ है।