यह किताब ब्रह्मांड को एक नए नज़रिए से देखने की कोशिश करती है। सुपर एटम फ्रैक्टल रिलेटिविटी थ्योरी के अनुसार, ब्रह्मांड एक फ्रैक्टल स्ट्रक्चर है, जिसमें हर स्केल पर एक नया ब्रह्मांड है। हमारी गणनाओं के अनुसार, ब्रह्मांड की आयु 4.54 x 10^109 वर्ष हो सकती है, जो आधुनिक विज्ञान की गणना (13.8 बिलियन वर्ष) से बहुत अलग है।
इस थ्योरी में, हमने समय, गति, और साइज़ को सापेक्ष माना है। हर स्केल पर समय और गति बदलती है—छोटे स्केल पर समय तेज होता है, और बड़े स्केल पर धीमा। उदाहरण के लिए, एक परमाणु के स्केल पर समय बहुत तेजी से चलता है, जबकि ग्रहों के स्केल पर यह धीमा हो जाता है।
परमतत्व के सिद्धांत अनुसार कोई भी तत्व स्थिर नहीं है और सबका आकार भिन्न है इस पृथ्वी पर भी आण्विक स्तर पर किसी भी मनुष्य का भार,ऊंचाई, आकार, समय, गुरुत्वाकर्षण,घनत्व, बल,ऊर्जा समान रूप से नहीं है, सूक्ष्म आण्विक स्तर पर सब में भिन्नता होगी ।यह पुस्तक विज्ञान के नए रहस्यों को उजागर करती है व इस पुस्तक श्रृंखला द्वारा भविष्य के नए विज्ञान की नींव रखी जाएगी!
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Param Tattva ka siddhant / परम तत्व का सिद्धांत: The Super Atom Theory Part 1
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