आधुनिक भारत के इतिहास में कोई मुक़दमा इतना लंबा और महत्वपूर्ण नहीं चला, जिसने देश की राजनीति, समाज और उसकी समग्र सोच पर गंभीर असर डाला हो। शताब्दियों से चल रहे राम जन्मभूमि–बाबरी मस्जिद विवाद का भारत के उच्चतम न्यायालय ने 9 नवंबर 2019 को चालीस दिन की लगातार सुनवाई के बाद फैसला सुना दिया। यह किताब सुप्रीम कोर्ट में चली उन्हीं चालीस दिनों की सुनवाई का आँखों देखा विवरण है। इस किताब में फैसला सुनाने वाले जजों, संबंधित वकीलों और पक्षकारों की पृष्ठभूमि, मुक़दमे में आए उतार-चढ़ाव और हमारी धर्मनिरपेक्ष न्याय प्रणाली को भी बिना किसी पूर्वाग्रह के प्रस्तुत किया गया है।
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Ek Ruka Hua Faisla: Ayodhya Vivad Ke Aakhiri Chalees Din/एक रुका हुआ फैसला : अयोध्या विवाद के आख़िरी चालीस दिन
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